कैथोड किरणों (Cathode Rays) की खोज और इलेक्ट्रॉन के आवेश एवं द्रव्यमान के अनुपात ($e/m$) का निर्धारण सर्वप्रथम किस वैज्ञानिक ने किया था?
- जॉन डाल्टन
- जे. जे. थॉमसन
- रदरफोर्ड
- जेम्स चैडविक
वर्ष 1932 में बेरिलियम (Be) पर $\alpha$-कणों की बौछार करके विद्युत-उदासीन कण 'न्यूट्रॉन' (Neutron) की खोज किसने की थी?
- ई. गोल्डस्टीन
- आर. ए. मिलिकन
- जेम्स चैडविक
- नील्स बोर
इलेक्ट्रॉन पर मूल विद्युत आवेश ($-1.602 \times 10^{-19}\text{ C}$) का सटीक मान ज्ञात करने के लिए कौन-सा प्रसिद्ध प्रयोग किया गया था?
- मिलिकन का तेल बूँद प्रयोग (Oil Drop Experiment)
- रदरफोर्ड का स्वर्ण पत्र प्रयोग
- कैथोड किरण नली प्रयोग
- स्पेक्ट्रम रेखा प्रयोग
कथन: रदरफोर्ड के $\alpha$-कण प्रकीर्णन प्रयोग से यह सिद्ध हुआ कि परमाणु का लगभग संपूर्ण द्रव्यमान और समस्त धनावेश उसके केंद्र में स्थित अत्यंत सूक्ष्म 'नाभिक' (Nucleus) में केंद्रित होता है। क्या यह कथन सत्य है?
- सत्य (True)
- असत्य (False)
किसी उदासीन परमाणु में न्यूट्रॉनों की संख्या ज्ञात करने का सही सूत्र क्या है? (जहाँ $A = \text{द्रव्यमान संख्या}$ और $Z = \text{परमाणु संख्या}$)
- $N = A + Z$
- $N = Z - A$
- $N = Z \times A$
- $N = A - Z$
ऐसे परमाणु जिनकी परमाणु संख्या ($Z$) समान हो परंतु द्रव्यमान संख्या ($A$) भिन्न-भिन्न हो, क्या कहलाते हैं?
- समभारिक (Isobars)
- समस्थानिक (Isotopes)
- समइलेक्ट्रॉनी (Isoelectronic)
- समन्यूट्रॉनिक (Isotones)
निम्नलिखित स्पीशीज़ में से कौन-सी आपस में 'समइलेक्ट्रॉनी' (Isoelectronic) हैं, जिनमें इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान (10 इलेक्ट्रॉन) है?
- $\text{Na}^+$ और $\text{Ca}^{2+}$
- $\text{K}^+$ और $\text{Cl}^-$
- $\text{Na}^+$, $\text{Mg}^{2+}$, $\text{F}^-$ तथा $\text{O}^{2-}$
- $\text{Fe}^{2+}$ और $\text{Fe}^{3+}$
प्लांक के क्वांटम सिद्धांत के अनुसार किसी विकिर्ण ऊर्जा के एक क्वांटम/फोटॉन की ऊर्जा ($E$) उसकी आवृत्ति ($\nu$) के किस प्रकार समानुपाती होती है?
- $E = h\nu$
- $E = \frac{h}{\nu}$
- $E = h\lambda$
- $E = \frac{hc^2}{\lambda}$
प्रकाश का वेग ($c$), तरंगदैर्ध्य ($\lambda$) और आवृत्ति ($\nu$) में सही गणितीय संबंध कौन-सा है?
- $\nu = c \cdot \lambda$
- $\lambda = c \cdot \nu$
- $c = \nu \cdot \lambda$
- $c = \frac{\nu}{\lambda}$
प्रकाश-विद्युत प्रभाव की सफल व्याख्या आइंस्टीन ने वर्ष 1905 में प्रकाश की किस प्रकृति के आधार पर की थी?
- तरंग प्रकृति (Wave nature)
- कणीय प्रकृति (Particle nature / Photon)
- केवल विवर्तन (Diffraction)
- ध्रुवण (Polarization)
नील्स बोर के अनुसार, इलेक्ट्रॉन केवल उन्हीं स्थिर कक्षाओं में घूम सकते हैं जिनमें उनका कोणीय संवेग ($mvr$) क्या होता है?
- $\frac{h}{\pi}$ का पूर्ण गुणक
- $\frac{2\pi}{nh}$ का गुणांक
- $\frac{nh}{4\pi}$
- $\frac{h}{2\pi}$ का पूर्ण पूर्णांक गुणक ($mvr = \frac{nh}{2\pi}$)
हाइड्रोजन परमाणु की प्रथम स्थिर कक्षा ($n = 1$) की बोर त्रिज्या ($r_1$) का मान कितना होता है?
- $52.9\text{ pm}$ ($0.529\text{ Å}$)
- $108\text{ pm}$
- $2.18\text{ pm}$
- $0.0529\text{ cm}$
हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम की कौन-सी श्रेणी स्पेक्ट्रम के 'दृश्य क्षेत्र' (Visible Region) में पड़ती है?
- लाइमन श्रेणी (Lyman series)
- बामर श्रेणी (Balmer series)
- पाश्चन श्रेणी (Paschen series)
- ब्रैकेट श्रेणी (Brackett series)
हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम की रेखाओं की तरंग-संख्या ($\bar{\nu}$) ज्ञात करने का रिडबर्ग सूत्र क्या है?
- $\bar{\nu} = R_H \left(n_1^2 - n_2^2\right)$
- $\bar{\nu} = R_H \left(\frac{1}{n_1} - \frac{1}{n_2}\right)$
- $\bar{\nu} = R_H \left(\frac{1}{n_1^2} - \frac{1}{n_2^2}\right)\text{ cm}^{-1}$
- $\bar{\nu} = \frac{R_H}{n_1^2 + n_2^2}$
द्रव्य के द्वैत व्यवहार के अनुसार, $m$ द्रव्यमान और $v$ वेग से गतिमान किसी सूक्ष्म कण की दे ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्य ($\lambda$) का सूत्र क्या है?
- $\lambda = \frac{h}{mv} = \frac{h}{p}$
- $\lambda = \frac{mv}{h}$
- $\lambda = h \cdot m \cdot v$
- $\lambda = \frac{h}{m v^2}$
हाइजेनबर्ग का अनिश्चितता सिद्धांत किसी इलेक्ट्रॉन जैसे सूक्ष्म कण की स्थिति ($\Delta x$) और संवेग ($\Delta p$) की अनिश्चितता के लिए क्या व्यंजक देता है?
- $\Delta x \cdot \Delta p = h$
- $\Delta x \cdot \Delta p \le \frac{h}{2\pi}$
- $\Delta x + \Delta p \ge 4\pi$
- $\Delta x \cdot \Delta p \ge \frac{h}{4\pi}$
मुख्य क्वांटम संख्या ($n$) मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉन के संबंध में किस गुण को निर्धारित करती है?
- कक्षक का त्रिविमीय विन्यास (Orientation)
- मुख्य कोश, कक्षक का आकार और ऊर्जा स्तर
- इलेक्ट्रॉन के चक्रण की दिशा
- केवल कक्षक की आकृति (Shape)
दिगंशी क्वांटम संख्या $l = 2$ किस उपकोश (Subshell) और कक्षक की आकृति को प्रदर्शित करती है?
- $s$-उपकोश (गोलाकार)
- $p$-उपकोश (डंबलाकार)
- $d$-उपकोश (द्विडंबलाकार - Double Dumbbell)
- $f$-उपकोश (जटिल)
दिगंशी क्वांटम संख्या $l = 1$ ($p$-उपकोश) के लिए चुंबकीय क्वांटम संख्या ($m_l$) के कुल कितने मान संभव हैं?
- 3 मान ($-1, 0, +1$)
- 1 मान ($0$)
- 5 मान ($-2, -1, 0, +1, +2$)
- 7 मान
मुख्य क्वांटम संख्या $n = 3$ वाले मुख्य कोश में अनुमति प्राप्त कक्षकों (Orbitals) की कुल संख्या कितनी होगी?
- 3
- 9 ($n^2$)
- 18 ($2n^2$)
- 6
किसी मुख्य कोश ($n$) में समाहित हो सकने वाले इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या किस सूत्र द्वारा दी जाती है?
- $n^2$
- $2l + 1$
- $4l + 2$
- $2n^2$
पाउली के अपवर्जन नियम के अनुसार किसी परमाणु में किन्हीं दो इलेक्ट्रॉनों के लिए चारों क्वांटम संख्याओं के मान क्या समान हो सकते हैं?
- नहीं, चारों क्वांटम संख्याएँ कभी समान नहीं हो सकतीं (कम से कम चक्रण $m_s$ भिन्न होगा)
- हाँ, चारों समान हो सकती हैं
- केवल मुख्य और दिगंशी समान नहीं हो सकतीं
- केवल ताप पर निर्भर करता है
हुंड के अधिकतम बहुकता नियम (Hund's Rule) के अनुसार समान ऊर्जा वाले (समभ्रंश/Degenerate) कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों का युग्मन (Pairing) कब प्रारंभ होता है?
- प्रारंभ से ही युग्मन शुरू हो जाता है
- जब पहला कक्षक भर जाए
- जब तक कि उस उपकोश के सभी कक्षकों में एक-एक इलेक्ट्रॉन (अयुग्मित) न आ जाए
- जब ताप 273 K हो
ऑफ़बाऊ नियम और $(n+l)$ नियम के अनुसार $4s$ और $3d$ कक्षकों में से किसकी ऊर्जा कम होती है और इलेक्ट्रॉन पहले किसमें प्रवेश करता है?
- $3d$ कक्षक में (क्योंकि $n=3$ कम है)
- $4s$ कक्षक में (क्योंकि $4s$ के लिए $n+l = 4+0 = 4$, जबकि $3d$ के लिए $n+l = 3+2 = 5$)
- दोनों की ऊर्जा समान है
- इलेक्ट्रॉन सीधे $4p$ में प्रवेश करता है
क्रोमियम ($\text{Cr}, Z = 24$) का सही और अति-स्थायी तलीय अवस्था (Ground State) इलेक्ट्रॉनिक विन्यास क्या है?
- $[\text{Ar}] 3d^4 4s^2$
- $[\text{Ar}] 3d^6 4s^0$
- $[\text{Ar}] 4s^2 4p^4$
- $[\text{Ar}] 3d^5 4s^1$
